पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया कंपनी प्रोफाइल, स्थापना, इतिहास, मालिक, बिज़नेस, सहायक कंपनिया, जॉइंट वेंचर विकी और अधिक (Power Grid Corporation of India success story in hindi)
Power Grid Corporation of India भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के स्वामित्व में एक भारतीय केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (PSUs) है। यह कंपनी मुख्य रूप से भारत के विभिन्न राज्यों में बल्क पावर के ट्रांसमिशन में लगी हुई है। पावर ग्रिड भारत में उत्पादित कुल बिजली का लगभग 50% अपने ट्रांसमिशन नेटवर्क पर प्रसारित करता है।
बायो/विकी (Bio/Wiki)
| नाम:- | पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (Power Grid Corporation of India) |
| लीगल नाम:- | पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड |
| प्रकार (Type):- | पब्लिक |
| इंडस्ट्री:- | बिजली ग्रिड |
Power Grid Corporation of India प्रोफाइल (Profile)
| स्थापना की तारीख:- | 23 अक्टूबर 1989 |
| चेयरमैन & MD:- | कांदिकुप्पा श्रीकांत |
| मुख्यालय:- | गुरुग्राम, हरियाणा |
| स्टॉक एक्सचेंज:- | BSE: 532898 NSE: POWERGRID |
| राजस्व (Revenue):- | ₹47,684 करोड़ (2026) |
| कुल संपत्ति (Total Asset):- | ₹279,435 करोड़ (2026) |
| नेटवर्थ:- | ₹1,03,391.73 करोड़ ( 2026) |
| मालिक:- | विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार |
| वेबसाइट:- | www.powergrid.in |
Power Grid Corporation of India इतिहास & स्थापना (History & Establishment)
1980 में विद्युत क्षेत्र सुधारों पर राजाध्यक्ष समिति ने अपनी रिपोर्ट भारत सरकार को प्रस्तुत की जिसमें सुझाव दिया गया कि भारतीय विद्युत क्षेत्र में व्यापक सुधारों की आवश्यकता है। 1981 में भारत सरकार ने एक नेशनल पावर ग्रिड बनाने के लिए एक नीतिगत निर्णय लिया, जो केंद्रीय और क्षेत्रीय ट्रांसमिशन सिस्टम के इंटीग्रेटेड ऑपरेशन का मार्ग प्रशस्त करेगा।
23 अक्टूबर 1989 को कंपनी अधिनियम 1956 के तहत नेशनल पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (NPTC) का गठन किया गया था, और देश में हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन सिस्टम की योजना के निष्पादन, स्वामित्व, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
1991 में कंपनी ने न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के ट्रांसमीशन संपत्तियों का अधिग्रहण किया था। अक्टूबर 1992 में नेशनल पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन का नाम बदलकर पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड कर दिया गया था। उसके बाद उसी वर्ष नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (NTPC), नेशनल हाइड्रो पावर कॉरपोरेशन (NHPC) और नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (NEEPCO) की ट्रांसमिशन संपत्तियां को पावर ग्रिड को ट्रांसफर किया था।
1993 में कंपनी ने टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड की ट्रांसमिशन संपत्तियों का अधिग्रहण किया था। 1995 में ईस्टर्न रीजनल डिस्पैच सेंटर और नॉर्थ ईस्टर्न रीजनल लोड डिस्पैच सेंटर का मैनेजमेंट पावरग्रिड को सौंप दिया गया था। 1996 ने नॉर्दर्न रीजनल लोड डिस्पैच सेंटर और वेस्टर्न रीजनल लोड डिस्पैच सेंटर का मैनेजमेंट पावरग्रिड को सौंपा गया था।
साल 2000 में नॉर्दर्न रीजन यूनिफाइड लोड डिस्पैच एंड कम्युनिकेशन प्रोजेक्ट के तहत चंडीगढ़ और दिल्ली के बीच पहला ऑप्टिक फाइबर लिंक चालू किया गया था। 2003 में ताला हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से जुड़े ट्रांसमिशन सिस्टम को लागू करने के लिए टाटा पावर कंपनी लिमिटेड के साथ PPP के तहत पहला ज्वाइंट वेंचर किया था। और उसी वर्ष भूटान दूरसंचार से पहला अंतरराष्ट्रीय परामर्श अनुबंध प्राप्त हुआ था।
2007 में पावरग्रिड इक्विटी शेयरों के साथ स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हुई थी। 2008 में पावरग्रिड को नवरत्न का दर्जा दिया था। 2010 में कंपनी ने इक्विटी शेयरों का पहला फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) लॉन्च किया था। 2013 में कंपनी ने इक्विटी शेयरों का दूसरा फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) लॉन्च किया था। 2019 में कंपनी का महारत्न का दर्जा दिया गया था।
Power Grid Corporation of India व्यवसाय (Business)
पावरग्रिड मुख्य रूप से अपने EHVAC/HVDC ट्रांसमिशन नेटवर्क के माध्यम से बिजली के ट्रांसमिशन के बिजनेस में लगी हुई है। पावरग्रिड के मुख्य बिजनेस इस प्रकार है:-
ट्रांसमिशन (Transmission)
पावरग्रिड निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ उच्च उपलब्धता प्राप्त करने के लिए अपनी ट्रांसमिशन संपत्तियों का संचालन और रखरखाव करता है।
कंसल्टेंसी (Consultancy)
पावरग्रिड, दुनिया की सबसे बड़ी बिजली ट्रांसमिशन यूटिलिटीज में से एक है, जिसने भारत और विदेशों में अपने मुख्य क्षेत्रों जैसे बिजली ट्रांसमिशन, सब-ट्रांसमिशन सिस्टम, डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट, लोड प्रेषण और कम्युनिकेशन में विशेषज्ञता विकसित की है। अपनी क्षमता और अनुभव का लाभ उठाते हुए वैश्विक स्तर पर कई ग्राहकों को कंसल्टेंसी सर्विसेज प्रदान करता हैं।
टेलीकॉम (Telecom)
पावरग्रिड अपने ब्रांड नाम ‘पावरटेल’ के साथ टेलीकॉम बिजनेस में देश में एकमात्र टेलीकॉम सेवा प्रदाता है, जिसके पास पावर ट्रांसमिशन लाइनों पर ऑप्टिकल ग्राउंड वायर का उपयोग करके पूरे भारत में ओवरहेड ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क है।
अन्य बिजनेस (OTHER BUSINESSES)
- स्मार्ट ग्रिड/स्मार्ट मीटरिंग सॉल्यूशन
- बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS)
- सौर ऊर्जा उत्पादन
- रूफटॉप सोलर सिस्टम
- एनर्जी ऑडिट एंड एनर्जी एफिशिएंसी
- सौर ऊर्जा परियोजना का एकीकरण
- रेलवे और अन्य थोक उपभोक्ताओं के लिए समर्पित ट्रांसमिशन सिस्टम
Power Grid Corporation of India सहायक कंपनियां (Subsidiaries)
- पावरग्रिड हिमाचल ट्रांसमिशन लिमिटेड
- पावरग्रिड वेमागिरी ट्रांसमिशन लिमिटेड
- पावरग्रिड NM ट्रांसमिशन लिमिटेड
- पावरग्रिड ऊंचाहार ट्रांसमिशन लिमिटेड
- पावरग्रिड सदर्न इंटरकनेक्टर ट्रांसमिशन सिस्टम लिमिटेड
- पावरग्रिड मेदिनीपुर जीरत ट्रांसमिशन लिमिटेड
- पावरग्रिड मिथिलांचल ट्रांसमिशन लिमिटेड
- पावरग्रिड वाराणसी ट्रांसमिशन सिस्टम लिमिटेड
- पावरग्रिड जवाहरपुर फिरोजाबाद ट्रांसमिशन लिमिटेड
- पावरग्रिड भिंड गुना ट्रांसमिशन लिमिटेड
- पावरग्रिड भुज ट्रांसमिशन लिमिटेड
- पावरग्रिड फतेहगढ़ ट्रांसमिशन लिमिटेड
- पावरग्रिड खेतड़ी ट्रांसमिशन सिस्टम लिमिटेड
- पावरग्रिड अजमेर फागी ट्रांसमिशन लिमिटेड
- पावरग्रिड रामपुर संभल ट्रांसमिशन लिमिटेड
- पावरग्रिड मेरठ सिंभावली ट्रांसमिशन लिमिटेड
- पावरग्रिड बीकानेर ट्रांसमिशन सिस्टम लिमिटेड
- पावरग्रिड नरेला ट्रांसमिशन लिमिटेड
- पावरग्रिड अलीगढ़ सीकर ट्रांसमिशन लिमिटेड
- पावरग्रिड भादला ट्रांसमिशन लिमिटेड
- पावरग्रिड सीकर ट्रांसमिशन लिमिटेड
- पावरग्रिड रामगढ़ ट्रांसमिशन लिमिटेड
- सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटिलिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड
- पावरग्रिड गोमती यमुना ट्रांसमिशन लिमिटेड
- पावरग्रिड ER NER ट्रांसमिशन लिमिटेड
- पावरग्रिड टेलीसर्विसेज लिमिटेड
- पावरग्रिड एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड
- पावरग्रिड नीमच ट्रांसमिशन सिस्टम लिमिटेड
Power Grid Corporation of India ज्वाइंट वेंचर (Joint Venture)
| ज्वाइंट वेंचर | इक्विटी पार्टनर्स |
|---|---|
| पॉवरलिंक्स ट्रांसमिशन लिमिटेड | पावरग्रिड (49%), टाटा पावर लिमिटेड (51%) |
| टोरेंट पावरग्रिड लिमिटेड | पावरग्रिड (26%), टोरेंट पावर लिमिटेड (74%) |
| नॉर्थ-ईस्ट ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड | पावरग्रिड (26%), ONGC त्रिपुरा पावर कंपनी लिमिटेड (26%), त्रिपुरा सरकार (10%), AEGCL (13%), मिजोरम सरकार (10%), मणिपुर मेघालय (6%), मेघालय सरकार (5%) और नागालैंड सरकार (4%) |
| पार्बती-कोलडैम ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड | पावरग्रिड (26%), इंडिया ग्रिड ट्रस्ट (74%) |
| तीस्ता वैली पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड | पावरग्रिड (30.92%), तीस्ता ऊर्जा लिमिटेड (69.08%) |
| नेशनल हाई पावर टेस्ट लेबोरेटरी प्राइवेट लिमिटेड | पावरग्रिड (20%), NTPC (20%), NHPC (20%), DVC (20%) and CPRI (20%) |
| एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड | पावरग्रिड (33.33%), NTPC (33.33%), PFC (17.65%), REC (15.68%) |
| बिहार ग्रिड कंपनी लिमिटेड | पावरग्रिड (50%), बिहार पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड (50%) |
| RINL पावरग्रिड TLT प्राइवेट लिमिटेड (RPTPL) | पावरग्रिड (50%), राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (50%) |
| क्रॉस बॉर्डर पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड | पावरग्रिड (26%), IL&FS एनर्जी डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (38%), सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (26%) और NEA (10%) |
| पावर ट्रांसमिशन कंपनी नेपाल लिमिटेड (PTCN) | पावरग्रिड (26%), NEA (50%), नेपाल के वित्तीय संस्थान (14%) और IL&FS एनर्जी डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (10%) (IEDCL) |
| बुटवल-गोरखपुर क्रॉस बॉर्डर पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड | पावरग्रिड (50%), नेपाल इलेक्ट्रिसिटी ऑथोरिटी (50%) |
Power Grid Corporation of India के बारे में पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
ANS: पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया मुख्य रूप से भारत के विभिन्न राज्यों में बल्क पावर के ट्रांसमिशन में लगी हुई है। पावर ग्रिड भारत में उत्पादित कुल बिजली का लगभग 50% अपने ट्रांसमिशन नेटवर्क पर प्रसारित करता है।
ANS: पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की स्थापना 23 अक्टूबर 1989 को कंपनी अधिनियम 1956 के तहत नेशनल पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (NPTC) के रूप में की थी। अक्टूबर 1992 में नेशनल पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन का नाम बदलकर पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड कर दिया गया था।
ANS: कांदिकुप्पा श्रीकांत पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक है।