पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन | Power Finance Corporation

Power Finance Corporation  लिमिटेड 1986 में स्थापित एक व्यवस्थित रूप से महत्वपूर्ण नॉन डिपॉजिट स्वीकार करने वाली NBFC है, जो भारतीय रिजर्व बैंक के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी के रूप में रजिस्टर्ड है। यह भारतीय बिजली क्षेत्र को वित्तीय सहायता देने में लगा हुआ है।

Power Finance Corporation बायो/विकी (Bio/Wiki)

नाम:- पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (Power Finance Corporation)
लीगल नाम:- पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड
प्रकार (Type):- केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम
इंडस्ट्री:- फाइनेंशियल सर्विसेज

प्रोफाइल (Profile)

स्थापना की तारीख:- जुलाई 1986
चेयरमैन & MD:- रविंदर सिंह ढिल्लों
मुख्यालय:- नई दिल्ली
स्टॉक एक्सचेंज:- NSE: PFC
BSE: 532810
राजस्व (Revenue):- ₹ 1.18 लाख करोड़ (2026)
कुल संपत्ति (Total Asset):- ₹12.74 ट्रिलियन (2026)
नेटवर्थ:- ₹1,42,931.46 करोड़ ( 2026)
मालिक:- ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार
वेबसाइट:- www.pfcindia.com

Power Finance Corporation कंपनी के बारे में (About Company)

16 जुलाई 1986 को स्थापित पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड, एक अनुसूची-A महारत्न CPSE और देश का अग्रणी गैर-बैंकिंग वित्तीय निगम है। पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन का रजिस्टर्ड ऑफिस नई दिल्ली में स्थित है और क्षेत्रीय कार्यालय मुंबई और चेन्नई में स्थित हैं।

PFC विद्युत मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन है। PFC को जून, 2007 में नवरत्न सीपीएसई तथा 28 जुलाई, 2010 को RBI द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंशियल कंपनी का दर्जा दिया गया था। PFC को अक्टूबर, 2021 में ‘महारत्न CPSE’ की उपाधि से सम्मानित किया गया था।

PFC भारत को वैश्विक प्लेयर की ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। देश के उत्तरोत्तर विकास को उसकी ऊर्जा खपत द्वारा मांपा जाता है। दुर्भाग्यवश, अभी भी हमारे राष्ट्र के बड़े भाग में बिजली की पहुंच नहीं है, PFC आने वाले वर्षों में उसको पूर्ण करने में उत्तरोत्तर महत्वपूर्ण कारक बनेगा।

Power Finance Corporation प्रोडक्ट/सर्विस (product/service)

कंपनी भारतीय विद्युत क्षेत्र में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का फाइनेंस करती है। इसके प्रोडक्ट और सर्विस इस प्रकार हैं:

फंड आधारित प्रोडक्ट: प्रोजेक्ट टर्म लोन, उपकरण की खरीद के लिए लीज फाइनेंसिंग, उपकरण निर्माताओं को लघु/मध्यम अवधि लोन, डेब्ट रिफाइनेंसिंग आदि।

नॉन-फंड आधारित प्रोडक्ट: डिफर्ड पेमेंट गारंटी, लेटर ऑफ कम्फर्ट (LoC), पॉलिसी ऋण वृद्धि की गारंटी आदि।

सहायक कंपनियां (Subsidiaries)

पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) की सहायक कंपनियां इस प्रकार है:

  • PFC कंसल्टिंग लिमिटेड
  • छत्तीसगढ़ सरगुजा पावर लिमिटेड
  • कोस्टल कर्नाटक पावर लिमिटेड
  • कोस्टल महाराष्ट्र मेगा पावर लिमिटेड
  • कोस्टल तमिलनाडु पावर लिमिटेड
  • उड़ीसा इंटीग्रेटेड पावर लिमिटेड
  • साखीगोपाल इंटीग्रेटेड पावर कंपनी लिमिटेड
  • घोघरपल्ली इंटीग्रेटेड पावर कंपनी लिमिटेड
  • टटिया आंध्र मेगा पावर लिमिटेड
  • ओडिशा इंफ्रापावर लिमिटेड
  • चेयूर इन्फ्रा लिमिटेड
  • देवघर इंफ्रा लिमिटेड
  • बिहार इंफ्रापावर लिमिटेड
  • बिहार मेगा पावर लिमिटेड
  • झारखंड इंफ्रापावर लिमिटेड
  • देवघर मेगा पावर लिमिटेड

Power Finance Corporation संयुक्त उद्यम (Joint Venture)

नेशनल पावर एक्सचेंज लिमिटेड

पावर एक्सचेंज के माध्यम से शॉर्ट टर्म व्यापार को बढ़ावा देने के लिए, PFC ने 2008-09 के दौरान NTPC, NHPC और TCS के साथ संयुक्त रूप से नेशनल पावर एक्सचेंज लिमिटेड (NPEX) को बढ़ावा दिया था। 31 मार्च, 2012 तक PFC के पास 16.66% प्रदत्त इक्विटी है। NPEX ने CERC से पावर एक्सचेंज की स्थापना के लिए सैद्धांतिक मंजूरी प्राप्त कर ली है। पावर एक्सचेंज में बिजली के व्यापार के लिए इलेक्ट्रॉनिक एक्सचेंज के रूप में राष्ट्रव्यापी उपस्थिति होगी। पावर ट्रेडिंग के अलावा ट्रांसमिशन क्लीयरेंस का भी पावर एक्सचेंज साथ-साथ ध्यान रखेगा।

एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड

एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) को 11 फरवरी 2010 को इनकॉरपोरेट किया गया था। EESL को भारत और विदेशों में एनर्जी एफिशिएंसी प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन के लिए समान इक्विटी भागीदारी के साथ पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, NTPC, REC और PFC द्वारा संयुक्त रूप से बढ़ावा दिया गया था। EESL “जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना” के एक भाग के रूप में संवर्धित ऊर्जा दक्षता (NMEEE) पर राष्ट्रीय मिशन की मुख्य कार्यान्वयन शाखाओं में से एक होगी।

विजन & मिशन (Vision & Mission)

विजन (Vision)

वैल्यू चैन में भारत और विदेशों में बिजली और संबद्ध बुनियादी ढांचा क्षेत्रों के लिए लीडिंग इंस्टीट्यूशनल पार्टनर बनना।

मिशन (Mission)

PFC सर्वाधिक अधिमान्य वित्तीय संस्थान होगा:

  • कुशल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत सोर्सिंग और सर्विसिंग के साथ किफायती और प्रतिस्पर्धी उत्पाद और सेवाएं प्रदान करना।
  • भारतीय विद्युत क्षेत्र में होने वाले सुधारों में अपनी भागीदारी करना और अपने स्टेकधारकों का मूल्‍य बढ़ाना।
  • भारत एवं विदेश में विद्युत एवं संबद्ध क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देना।

कंपनी इसे एक गतिशील, लचीला, भविष्योन्मुखी, भरोसेमंद, सामाजिक रूप से जिम्मेदार संगठन, अपने हितधारकों के हितों के प्रति संवेदनशील, हर समय लाभदायक और टिकाऊ, संचालन में पारदर्शिता और अखंडता के साथ प्राप्त करेंगे।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q. पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन को महारत्न का दर्जा कब दिया गया?

ANS: पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) को अक्टूबर 2021 में ‘महारत्न’ का दर्जा दिया गया था।

Q. पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन की स्थापना कब हुई थी?

ANS: पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन की स्थापना जुलाई 1986 में हुई थी।

Q. पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन के चेयरमैन कौन है?

ANS: पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन के चेयरमैन रविंदर सिंह ढिल्लों है।

Q. क्या पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन एक एनबीएफसी है?

ANS: पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड 1986 में स्थापित एक व्यवस्थित रूप से महत्वपूर्ण नॉन डिपॉजिट स्वीकार करने वाली NBFC है, जो भारतीय रिजर्व बैंक के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी के रूप में रजिस्टर्ड है।