Laurus Labs || लॉरस लैब्स

लॉरस लैब्स कंपनी प्रोफाइल, फाउंडर, मालिक, नेटवर्थ, बिज़नेस, प्रतियोगी, अधिग्रहण, विकी और अधिक (Laurus Labs company success story in hindi)

Laurus Labs एक भारतीय मल्टीनेशनल फार्मास्युटिकल और बायोटेक्नोलॉजी कंपनी है। इसके फोकस क्षेत्रों में एक्टिव फार्मास्युटिकल सामग्री इंग्रेडिएंट्स (APIs), जेनेरिक फॉर्मूलेशन, कस्टम सिंथेसिस (CDMO), बायोटेक्नोलॉजी शामिल हैं। कंपनी का मुख्यालय हैदराबाद, तेलंगाना में स्थित है।

बायो/विकी (Bio/Wiki)

नाम:- लॉरस लैब्स (Laurus Labs)
लीगल नाम:- लॉरस लैब्स लिमिटेड
प्रकार (Type):- पब्लिक
इंडस्ट्री:- फार्मास्युटिकल

Laurus Labs प्रोफाइल (Profile)

स्थापना की तारीख:- 2005
फाउंडर:- डॉ. सत्यनारायण चावा
मुख्य लोग:- डॉ. सत्यनारायण चावा (फाउंडर & चेयरमैन)
वंताराम वेंकट रवि कुमार (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर & CFO)
मुख्यालय:- हैदराबाद, तेलंगाना
स्टॉक एक्सचेंज:- BSE: 540222
NSE: LAURUSLABS
राजस्व (Revenue):- ₹6,813 करोड़ (2026)
कुल संपत्ति (Total Asset):- ₹10,511.19 करोड़ ( 2026)
नेटवर्थ:- ₹1,08,441 करोड़ (2026)
वेबसाइट:- www.lauruslabs.com

कंपनी के बारे में (About Company)

हैदराबाद स्थित फार्मा कंपनी, लॉरस लैब्स दुनिया भर के फार्मास्युटिकल क्षेत्र में इंटीग्रेटेड प्रोडक्ट्स और सर्विसेज की एक विस्तृत रेंज प्रदान करती है। कंपनी दुनिया की सभी टॉप 10 जेनेरिक दवा कंपनियों के साथ काम करती हैं। लॉरस लैब्स 56 देशों में अपने APIs बेचती हैं।

कंपनी के प्रमुख फोकस क्षेत्रों में एंटी-रेट्रोवायरल, हेपेटाइटिस सी और ऑन्कोलॉजी दवाएं शामिल हैं। कंपनी ने 322 पेटेंट दायर किए जिनमें से 203 पेटेंट कंपनी के पास हैं। लॉरस लैब्स तीन अलग-अलग बिजनेस यूनिट्स: जेनरिक APIs, जेनरिक FDF और सिंथेसिस में स्थापना के बाद से 60+ प्रोडक्ट्स का व्यवसायीकरण किया है।

Laurus Labs की APIs निर्माण और मजबूत R&D करने की क्षमता ने उन्हें तेजी से और विश्व स्तर पर विस्तार करने में मदद की है। लॉरस एंटी-रेट्रोवायरल APIs और इंटरमीडिएट्स के दुनियाभर में लीडिंग सप्लायर्स में से एक है। इस महत्वपूर्ण सेगमेंट में कंपनी कम लागत वाली टेक्नोलॉजीज दुनिया भर के मरीजों के लिए सस्ती दवाओं तक पहुंच बढ़ाने में मदद कर रही हैं।

Laurus Labs व्यवसाय (Business)

लॉरस लैब्स का बिजनेस ऑपरेशन चार डिवीजन में विभाजित है, जो इस प्रकार है: कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग (CDMO) – सिंथेसिस, जेनरिक फॉर्मुलेशन (FDF), जेनरिक APIs और बायोटेक्नोलॉजी आदि।

CDMO – सिंथेसिस

लॉरस सिंथेसिस कंपनी की CDMO सहायक कंपनी है। जिसे 9 जनवरी 2021 को इनकॉरपोरेट किया गया था। यह लॉरस लैब्स की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। लॉरस सिंथेसिस के लिए अमेरिका, यूरोपीय यूनियन और जापान तीन सबसे महत्वपूर्ण बाजार हैं।

जेनरिक – APIs

भारत में सबसे बड़ी HiPotent API क्षमताओं में से एक के साथ, लॉरस लैब्स “एंटीरेट्रोवाइरल के लिए दुनिया का सबसे बड़ा थर्ड पार्टी API प्रदाता” होने का दावा करता है। इसके अलावा, व्यवसाय कैंसर और हृदय संबंधी APIs का उत्पादन करता है, जिसे लॉरस लैब्स दुनिया भर की टॉप दस जेनेरिक दवा कंपनियों में से नौ को बेचती है।

जेनरिक फॉर्मुलेशन (FDF)

मार्च 2020 में, लॉरस लैब्स को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन गोलियों के विपणन के लिए यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की मंजूरी मिली थी। कंपनी ने घोषणा की कि वह COVID-19 के निवारक उपचार के नैदानिक ​​परीक्षणों के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की आपूर्ति करेगी। कंपनी द्वारा पेश किए गए कुछ जेनरिक फॉर्मुलेशन प्रोडक्ट्स: एंटी-रेट्रोवायरल, एंटी-डायबिटिक, कार्डियोवास्कुलर, प्रोटॉन पंप इनहिबिटर और सेंट्रल नर्वस सिस्टम आदि थे।

लॉरस बायो

लॉरस बायो कंपनी की बायोटेक्नोलॉजी सब्सिडियरी है। लॉरस लैब्स ने 2020 में भारतीय बायोटेक कंपनी रिचकोर का अधिग्रहण करके बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में प्रवेश किया था। अधिग्रहण के बाद रिचकोर का नाम बदलकर लॉरस बायो प्राइवेट लिमिटेड कर दिया गया, और यह लॉरस लैब्स की सहायक कंपनी बन गई थी।

Laurus Labs संस्थापक (Founder)

लॉरस लैब्स की स्थापना डॉ. सत्यनारायण चावा ने 2005 में की थी।

डॉ. सत्यनारायण चावा (Dr. Satyanarayana Chava)

डॉ. सत्यनारायण चावा लॉरस लैब्स कंपनी के एग्जीक्यूटिव, होल टाइम डायरेक्टर और CEO हैं। वह 21 जनवरी 2006 से कंपनी के डायरेक्टर हैं। उन्होंने आंध्र विश्वविद्यालय से विज्ञान में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रैजुएशन की डिग्री प्राप्त की थी। वह 1985 से 1992 तक कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, आंध्र विश्वविद्यालय में एक रिसर्च स्कॉलर भी रहे और 1992 में उन्होंने पीएचडी की उपाधि प्राप्त की थी।

वंताराम वेंकट रवि कुमार (Vantaram Venkata Ravi Kumar)

वंताराम वेंकट रवि कुमार लॉरस लैब्स के एक एग्जीक्यूटिव, होल टाइम डायरेक्टर और CFO हैं। वह 30 नवंबर 2006 से लॉरस लैब्स के डायरेक्टर हैं और कंपनी के फाइनेंस, ह्यूमन रिसोर्स कार्यों के प्रभारी हैं, उन्होंने एक महत्वपूर्ण समय के लिए कंपनी के सप्लाई चेन मैनेजमेंट डिपार्मेंट को भी संभाला है।

प्रतियोगी (Competitors)

लॉरस लैब्स के मुख्य प्रतियोगी इस प्रकार है:

  • सन फार्मा
  • सिप्ला लिमिटेड
  • डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज
  • डिविज लैबोरेट्रीज
  • लूपिन
  • अरबिंदो फार्मा
  • एल्केम लैबोरेट्रीज
  • एबॉट इंडिया
  • टोरेंट फार्मा

अधिग्रहण (Aquisition)

रिचकोर को 26 नवंबर, 2020 को लॉरस लैब्स द्वारा खरीदा गया था। Laurus Labs ने रिचकोर को खरीदने के लिए 2.5 बिलियन डॉलर का भुगतान किया था। रिचोर बैंगलोर स्थित एक कंपनी है जो फूड, वाटर और एनर्जी इंडस्ट्री के लिए नए एंजाइम एप्लिकेशन बनाती है।